डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर जताया विरोध


मुरलीधर शर्मा (ब्यूरो चीफ) दौसा—जहां चिकित्सकों का समाज में गरीमामय एवं सम्मानित स्थान रहा है। वहां इन दिनों देश के अनेक स्थानों पर चिकित्सकों के साथ हो रहे दुव्यर्वहार व मारपीट कर जानलेवा हमला करने के मामले सामने आ रहे है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स के साथ हुए दुव्र्यवहार व मारपीट के विरोध को लेकर  देशभर के डॉक्टरों ने सामूहिक हड़ताल करने का आहवान किया। हड़ताल के समर्थन में आईएमए बांदीकुई के द्वारा भी सोमवार अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र मदान के नेतृत्व में सामूहिक हडताल कर समर्थन किया गया।

बांदीकुई के सभी निजी चिकित्सालयों में सोमवार को ओपीडी बंद रखकर मरीजों को नहीं देखा गया। डॉक्टर्स भी ओपीडी में मरीजों के देखने के लिये नही बैठे। जिससे मरीजों व उनकें परिजनों को असुविधा का सामना करना पडा। आईएमए अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र मदान ने बताया कि चिकित्सकों का समाज में गरीमामय एवं सम्मानित स्थान रहा है। चिकि त्सक अपने मरीज के लिये रात की नींद व दिन का चैन दांव पर लगा देता है। किन्तु इन दिनों देश के अनेक स्थानों पर चिकित्सकों के साथ कुछ असमाजिक तत्व चिकित्सकों को ब्लैकमेल एवं बदनाम कर उनसे अमानवीय व्यवहार कर रहे है।

जिससे डॉक्टर्स इस भयपूर्ण माहौल में मरीजों का इलाज करने में हिचकिचाते है और अपने चारो आरे एक भयपूर्ण माहौल महसूस करते है। जिससे वे सही तरीके से मरीजों का उपचार नहीं कर पाते है। जो समाज के हित में नहीं है। चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा हेतु बने एक्ट (3)2018 की पालना सख्ती से करने एवं चिकित्साकर्मियों द्वारा भयमुक्त होकर मरीजों की सेवा करने में अपना सम्पूर्ण योगदान दे सके।

इसके लिये चिकिसाकर्मियों ने प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और चिकित्सकों के साथ अभद्र व क्रूर व्यवहार करने वाले सभी दोषियों की गिरफ्तारी कर सजा देने की मांग की। इस दौरान डॉ. देवेन्द्र मदान, सुनील कट्टा, डॉ. रमेश सैनी, डॉ. सोनू गोयल, डॉ. जेएल मीना, डॉ. हेमराज सैनी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। 

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