चुनाव सिर पर हो तो ऋण माफी,नहीं तो किसानों के लिए टोटा!


राजेश कुमार वर्मा (संवाददाता) झड़वासा/अजमेर- झड़वासा भोले-भाले किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की घोषणा करने वाले अलग अलग राजनीतिक दल किसानों को लुभावने सपने दिखाकर सत्ता पर विराजमान तो हो जाते हैं मगर जब यही किसानों का बुरा वक्त आने पर इन्हीं राजनीतिक दलो की सारी असलियत सामने आ जाती है।

वर्ष में दो बार किसानों को रबी व खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए राज्य सरकार द्वारा गांवों में ग्राम सेवा सहकारी समिति द्वारा बिना ब्याज के फसली लोन दिया जाता है ताकि किसान आराम से बुवाई कर सके इसी तरह इस वर्ष खरीफ की फसल बुवाई करने के लिए हर वर्ष जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह तक सभी किसानों को लोन दे दिया जाता है।

लेकिन अभी अगस्त का आधा समय निकलने वाला है मगर किसानों को फसली लोन अब तक नहीं मिला जब की फसल की बुवाई व बारिश भी इस वर्ष लगभग 15 दिन देरी से है मगर अब तक फसली ऋण का कोई अता पता नहीं है जबकि मई से जुलाई तक इन तीन महीनो में एक किसान की आर्थिक हालात से कमर टूट जाती है अभी पशुओं को तो इस वर्ष 11 रूपये किलो कुट्टी व 7 रुपए किलो खाखला खिलाकर-खिलाकर पशुधन से प्राप्त थोड़े से दूध की आमदनी से घर चलता है।

इसी माह में स्कूल भी खुलते है और मौसमी बीमारी का भी भयंकर प्रकोप और असर भी इसी समय होने से किसान का खर्चा कई गुना बढ़ जाता है इस बार समय पर फसली ऋण ना मिलने से किसानों को साहूकार से लेकर फसल बुवाई से लेकर सारे काम करने के लिए किसान को मजबूर होना पड़ा अब तो फसल भी इतनी बड़ी हो गई कि जिसमें पहला निनाण चल रहा है।

 पशुओं के मुंह में भी अब चार आने लगा है तो पशुओं के भी अब दूध बढ़ेगा तब जाकर किसानों की आमदनी थोड़ी बढ़ेगी अगर अब दो महीने देरी से भी खरीफ की फसल का लोन किसानों को मिलता है तो अक्टूबर में तो वापस वसूली शुरू हो जाती है किसानों को वापस जमा करना पड़ता है इसलिए इस बार लोन में देरी होने से किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और रोष व्याप्त है।

वहीँ दूसरी तरफ प्रधानमंत्री किसान निधि योजना से 2000 रूपये की लगभग 2 किश्ते किसानों के खाते में आ चुकी है। इसलिए इस बार किसानों की सरकार से मांग है कि समय पर फसली ऋण दिया जाए और उस लोन की वसूली भी लोन देने के 6 माह बाद ही की जाए।

गत सरकार ने तो किसानों को ऋण माफी की रेवड़ीयां मगर इस बार किसानों के लिए टोटा ही रहा।

इनका कहना है: 3500 किसानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है और राज्य सरकार से भी स्वीकृति मिल चुकी है जल्दी ही किसानों को खरीफ की बुवाई का फसली ऋण दिया जाएगा। -जगदीश माहेश्वरी,ऋण पर्यवेक्षक अजमेर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक शाखा नसीराबाद

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