श्रीमद्भागवत गीता के 5 अनमोल वचन हर समय आएंगे आपके काम-जरूर पढ़ें

श्रीमद्भागवत गीता में जो उपदेश दिए गए हैं उनमें जीवन के हर पहलू और हर अवस्था का पूरा सार छिपा हुआ है। इन वचनों में जीवन के हर अनुभव के बारे में विस्तार से बताया गया है। इतना ही नहीं व्यक्ति जन्म से लेकर मृत्यु तक और उसके बाद के चक्र को श्रीमद्भागवत गीता में बड़ी ही विस्तार से बताया गया है। श्रीमद्भागवत गीता के कई वचनों में से हम आपको बता रहे हैं मुख्य पांच अनमोल वचन जो कि जीवन के हर मोड़ पर आपके काम आते रहेंगे...
 
* गीता के उपदेश में बताया गया है कि जो व्यक्ति बिना वजह किसी पर संदेह करता है वह कभी भी खुश नहीं रह सकता है। संदेह करने पर रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो जाती है जिसके कारण वह खुद भी परेशान सा रहने लगता है।
 
* श्रीमद्भागवत गीता में बताया गया है कि वासना, गुस्सा, और लालच नरक के द्वार हैं। जीवन में सुखी रहना है तो इन तीनों चीजों से दूर रहना सीखें।
 
* श्रीमद्भागवत गीता में बताया गया है कि जो भी जीव जन्म लेता है उसकी मृत्यु भी निश्चित है। इसलिए जो चीज निश्चित है उसके लिए आखिर शोक या पछतावा किस बात का है।
 
* श्रीमद्भागवत गीता के सार में यह भी बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति बुद्धिमान है तो उसे समाज की भलाई के लिए भी काम करना चाहिए। ऐसे व्यक्ति को बिना किसी स्वार्थ के समाज के लिए भी योगदान देना चाहिए।
 
* श्रीमद्भागवत गीता में के उपदेशों में यह भी बताया गया है कि जो व्यक्ति भगवान को याद करते हुए मृत्यु को प्राप्त होता है वह सीधा भगवान के धाम को प्राप्त होता है।